धोबी घाट पर माँ और मैं-5 - Maa-Beta Ke Beech Chudai Ki Kahaniyan


Click to Download this video!

Discussion in 'Hindi Sex Stories' started by 007, May 8, 2016.

  1. 007

    007 Administrator Staff Member

    //gsm-signalka.ru मेरे मुख से तो आवाज ही नहीं निकल रही थी।
    फिर उसने हल्के-से अपना एक हाथ मेरी जांघों पर रखा और सहलाते हुए बोली- हाय, कैसे खड़ा कर रखा है, मुए ने?

    फिर सीधा पजामे के ऊपर से मेरे खड़े लण्ड (जो माँ के जगने से थोड़ा ढीला हो गया था, पर अब उसके हाथों का स्पर्श पाकर फिर से खड़ा होने लगा था।) पर उसने अपना हाथ रख दिया- उई माँ, कैसे खड़ा कर रखा है? क्या कर रहा था रे, हाथ से मसल रहा था क्या? हाय बेटा, और मेरी इसको भी मसल रहा था? तू तो अब लगता है, जवान हो गया है। तभी मैं कहूँ कि जैसे ही मेरा पेटिकोट नीचे गिरा,
    यह लड़का मुझे घूर घूर कर क्यों देख रहा था? हाय, इस लड़के की तो अपनी माँ के ऊपर ही बुरी नजर है।

    'हाय माँ, गलती हो गई, माफ कर दो।'
    'ओहो. अब बोल रहा है गलती हो गई, पर अगर मैं नहीं जगती तो तू तो अपना पानी निकाल के ही मानता ना ! मेरी छातियों को दबा दबा के !! उमम्म बोल, निकालता या नहीं, पानी?'
    'हाय माँ, गलती हो गई।'
    'वाह रे तेरी गलती, कमाल की गलती है। किसी का मसल दो, दबा दो, फिर बोलो की गलती हो गई। अपना मजा कर लो, दूसरे चाहे कैसे भी रहे।'

    कह कर माँ ने मेरे लंड को कस के दबाया, उसके कोमल हाथों का स्पर्श पा के मेरा लंड तो लोहा हो गया था और गरम भी काफी हो गया था- हाय माँ छोड़ो, क्या कर रही हो?
    माँ उसी तरह से मुस्कुराती हुई बोली- क्यों प्यारे, तूने मेरा दबाया तब, तो मैंने नहीं बोला कि छोड़ो। अब क्यों बोल रहा है तू?
    मैंने कहा- 'हाय, माँ तू दबायेगी तो सच में मेरा पानी निकल जायेगा। हाय, छोड़ो ना माँ।'

    'क्यों, पानी निकालने के लिये ही तो तू दबा रहा था ना मेरी छातियाँ? मैं अपने हाथ से निकाल देती हूँ, तेरे गन्ने से तेरा रस, चल जरा अपना गन्ना तो दिखा।'
    'हाय माँ, छोड़ो, मुझे शरम आती है।'
    'अच्छा, अब तो बड़ी शरम आ रही है, और हर रोज जो लुन्गी और पजामा हटा हटा कर जब सफाई करता है तब? तब क्या मुझे
    दिखाई नहीं देता क्या? अभी बड़ी एक्टिंग कर रहा है।'

    'हाय, नहीं माँ, तब की बात तो और है, फिर मुझे थोड़े ही पता होता था कि तुम देख रही हो।'
    ओह, ओह, मेरे भोले राजा, बड़ा भोला बन रहा है, चल दिखा ना, देखूँ कितना बड़ा और मोटा है तेरा गन्ना?
    मैं कुछ बोल नहीं पा रहा था, मेरे मुंह से शब्द नहीं निकल पा रहे थे और लग रहा था जैसे मेरा पानी अब निकला कि तब निकला।

    इस बीच माँ ने मेरे पजामे का नाड़ा खोल दिया और अंदर हाथ डाल कर मेरे लंड को सीधा पकड़ लिया।
    मेरा लंड जो केवल उसके छूने के कारण से फुफकारने लगा था, अब उसके पकड़ने पर अपनी पूरी औकात पर आ गया और किसी मोटे लोहे की छड़ की तरह एकदम तन कर ऊपर की तरफ मुंह उठाये खड़ा था।

    माँ मेरे लंड को अपने हाथों में पकड़ने की पूरी कोशिश कर रही थी पर मेरे लंड की मोटाई के कारण से वो उसे अपन मुठ्ठी में अच्छी तरह से कैद नहीं कर पा रही थी।
    उसने मेरे पजामे को वहीं खुले में पेड़ के नीचे मेरे लंड पर से हटा दिया।

    'हाय माँ, छोड़ो, कोई देख लेगा, ऐसे कपड़े मत हटाओ।'
    मगर माँ शायद पूरे जोश में आ चुकी थी- चल, कोई नहीं देखता। फिर सामने बैठी हूँ, किसी को नजर भी नहीं आयेगा। देखूँ तो सही
    मेरे बेटे का गन्ना आखिर है कितना बड़ा?

    और मेरा लंड देखते ही आश्चर्य से उसका मुंह खुला का खुला रह गया, एकदम से चौंकती हुई बोली- हाय दैय्या!! यह क्या?? इतना मोटा और इतना लम्बा ! ये कैसे हो गया रे, तेरे बाप का तो बित्ते भर का भी नहीं है, और यहाँ तू बेलन के जैसा ले के घूम रहा है?

    'ओह माँ, मेरी इसमें क्या गलती है। ये तो शुरु में पहले छोटा-सा था, पर अब अचानक इतना बड़ा हो गया है तो मैं क्या करुँ?'
    'गलती तो तेरी ही है जो तूने इतना बड़ा जुगाड़ होते हुए भी अभी तक मुझे पता नहीं चलने दिया। वैसे जब मैंने देखा था नहाते वक्त, तब तो इतना बड़ा नहीं दिख रहा था रे?'
    'हाय माँ, वो. वो.' मैं हकलाते हुए बोला- वो इसलिये क्योंकि उस समय यह उतना खड़ा नहीं रहा होगा। अभी यह पूरा खड़ा हो गया है।'
    'ओह ओह, तो अभी क्यों खड़ा कर लिया इतना बड़ा? कैसे खड़ा हो गया अभी तेरा?'

    अब मैं क्या बोलता कि कैसे खड़ा हो गया, यह तो बोल नहीं सकता था कि माँ तेरे कारण खड़ा हो गया है मेरा, मैंने सकपकाते हुए
    कहा- अरे, वो ऐसे ही खड़ा हो गया है। तुम छोड़ो, अभी ठीक हो जायेगा।
    'ऐसे कैसे खड़ा हो जाता है तेरा?' माँ ने पूछा और मेरी आँखों में देख कर अपने रसीले होठों का एक कोना दबा के मुस्काने लगी।
    'अरे, तुमने पकड़ रखा है ना, इसलिये खड़ा हो गया है मेरा! क्या करुँ मैं? हाय छोड़ दो ना!'

    मैं किसी भी तरह से माँ का हाथ अपने लंड पर से हटा देना चाहता था। मुझे ऐसा लग रहा था कि माँ के कोमल हाथों का स्पर्श पाकर
    कहीं मेरा पानी निकल ना जाये।
    फिर माँ ने केवल पकड़ा तो हुआ नहीं था, वो धीरे धीरे मेरे लंड को सहला भी और बार-बार अपने अंगूठे से मेरे चिकने सुपाड़े को छू भी
    रही थी।

    'अच्छा, अब सारा दोष मेरा हो गया? और खुद जो इतनी देर से मेरी छातियाँ पकड़ कर मसल रहा था और दबा रहा था, उसका कुछ नहीं?'
    'चल मान लिया गलती हो गई, पर सजा तो इसकी तुझे देनी पड़ेगी, मेरा तूने मसला है, मैं भी तेरा मसल देती हूँ।'
    कह कर माँ अपने हाथों को थोड़ा तेज चलाने लगी और मेरे लंड का मुठ मारते हुए मेरे लंड की मुंडी को अंगूठे से थोड़ी तेजी के साथ
    घिसने लगी।

    मेरी हालत एकदम खराब हो रही थी, गुदगुदाहट और सनसनी के मारे मेरे मुंह से कोई आवाज नहीं निकल पा रही थी, ऐसा लग रहा था जैसे कि मेरा पानी अब निकला कि तब निकला।
    पर माँ को मैं रोक भी नहीं पा रहा था, मैंने सिसयाते हुए कहा- ओह माँ, हाय निकल जायेगा, मेरा निकल जायेगा।
    इस पर माँ और जोर से हाथ चलाते हुए अपनी नजर ऊपर करके मेरी तरफ देखते हुए बोली- क्या निकल जायेगा?

    'ओह ओह, छोड़ो ना, तुम जानती हो, क्या निकल जायेगा! क्यों परेशान कर रही हो?'
    'मैं कहाँ परेशान कर रही हूँ? तू खुद परेशान हो रहा है।'
    'क्यों, मैं क्यों भला खुद को परेशान करूँगा? तुम तो खुद ही जबरदस्ती पता नहीं क्यों मेरा मसले जा रही हो?'
    'अच्छा, जरा ये तो बता, शुरुआत किसने की थी मसलने की?'
    कह कर माँ मुस्कुराने लगी।

    मुझे तो जैसे सांप सूंघ गया था, मैं भला क्या जवाब देता, कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या करूँ, क्या ना करूँ? ऊपर से मजा इतना आ रहा था कि जान निकली जा रही थी।
    तभी माँ ने अचानक मेरा लंड छोड़ दिया और बोली- अभी आती हूँ।
    और एक कातिल मुस्कुराहट छोड़ते हुए उठ कर खड़ी हो गई और झाड़ियों की तरफ चल दी।
    मैं उसको झाड़ियों की ओर जाते हुए देखता हुआ वहीं पेड़ के नीचे बैठा रहा।

    जहाँ हम बैठे हुए थे, झाड़ियाँ वहाँ से बस दस कदम की दूरी पर थी। दो-तीन कदम चलने के बाद माँ पीछे की ओर मुड़ी और बोली- बड़ी जोर से पेशाब आ रही थी, तुझे आ रही हो तो तू भी चल, तेरा औजार भी थोड़ा ढीला हो जायेगा, ऐसे बेशरमों की तरह से खड़ा किये हुए है।
    और फिर अपने निचले होंठ को हल्के से काटते हुए आगे चल दी।

    मेरी कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ। मैं कुछ देर तक वैसे ही बैठा रहा। इस बीच माँ झाड़ियों के पीछे जा चुकी
    थी।
    झाड़ियों की इस तरफ से जो भी झलक मुझे मिल रही थी, वो देख कर मुझे इतना तो पता चल ही गया था कि माँ अब बैठ चुकी है और शायद पेशाब भी कर रही है।

    मैंने फिर थोड़ी हिम्मत दिखाई और उठ कर झाड़ियों की तरफ चल दिया। झाड़ियों के पास पहुंच कर नजारा कुछ साफ दिखने लगा था। माँ आराम से अपनी साड़ी उठा कर बैठी हुई थी और मूत रही थी।
    उसके इस अंदाज से बैठने के कारण पीछे से उसकी गोरी गोरी जाँघें तो साफ दिख ही रही थी, साथ साथ उसके मक्खन जैसे चूतड़ों का निचला भाग भी लगभग साफ-साफ दिखाई दे रहा था।

    यह देख कर तो मेरा लंड और भी बुरी तरह से अकड़ने लगा था। हालांकि उसकी जाँघों और चूतड़ों की झलक देखने का यह पहला मौका नहीं था, पर आज, और दिनों से कुछ ज्यादा ही उत्तेजना हो रही थी।
    उसके पेशाब करने की आवाज तो आग में घी का काम कर रही थी। शर्र. शुर्र. सर्र. करते हुए किसी औरत के मूतने की आवाज में पता नहीं क्या आकर्षण होता है, किशोर उमर के सारे लड़कों को अपनी ओर खींच लेती है।
    मेरा तो बुरा हाल हो गया था, मैं भी उस तरफ़ चला गया।

    तभी मैंने देखा कि माँ उठ कर खड़ी हो गई। जब वो पलटी तो मुझे देख कर मुस्कुराते हुए बोली- अरे, तू भी चला आया?
    मैंने तो तुझे पहले ही कहा था कि तू भी हल्का हो ले।'
    फिर आराम से अपने हाथों को साड़ी के ऊपर बुर प रख कर इस तरह से दबाते हुए खुजाने लगी जैसे बुर पर लगी पेशाब को पौंछ रही हो और मुस्कुराते हुए चल दी जैसे कि कुछ हुआ ही नहीं।

    मैं एक पल को तो हैरान परेशान सा वहीं पर खड़ा रहा।
    फिर मैं भी झाड़ियों के पीछे चला गया और पेशाब करने लगा।
    बड़ी देर तक तो मेरे लंड से पेशाब ही नहीं निकला, फिर जब लंड कुछ ढीला पड़ा तब जा के पेशाब निकलना शुरु हुआ। मैं पेशाब करने के बाद वापस पेड़ के नीचे चल पड़ा।

    पेड़ के पास पहुंच कर मैंने देखा माँ बैठी हुई थी, मेरे पास आने पर बोली- आ बैठ, हल्का हो आया?
    कह कर मुस्कुराने लगी। मैं भी हल्के हल्के मुस्कुराते कुछ शरमाते हुए बोला- हाँ, हल्का हो आया।
    और बैठ गया।
    कहानी जारी रहेगी।
Loading...

Share This Page


Online porn video at mobile phone


बहिणीचा एक हात तिच्या पुच्ची च्याcache:M70YTnqGKSsJ:https://brand-krujki.ru/forums/telugu-sex-stories-%E0%B0%A4%E0%B1%86%E0%B0%B2%E0%B1%81%E0%B0%97%E0%B1%81-%E0%B0%B8%E0%B1%86%E0%B0%95%E0%B1%8D%E0%B0%B8%E0%B1%8D-%E0%B0%95%E0%B0%A5%E0%B0%B2%E0%B1%81.12/ গুদ গল্পகன்னி புண்டைआईची ठुकाईassamese sex story biyar prothom ratiகணவரின் உத்யோக உயர்வுக்குமாமியார் marumagansexstoryকাকে চুদবোJawan Chachi ko chacha ke na hone par bete ne jamkar choda chudai videotalugu.antise.xxxx.sexcommamiyarkuinbamচুদনৰ মজাஎனக்கு முலை பால் குடிக்கணும்लवडाTamil cortoon kathi sexமுந்தானை பிரா xossipఅమ్మ పువ్వు చివర నా అంగంপ্রকৃতির গুদ মারলামதமிழ் கமாகதைமஜா மல்லிகா gangbang காம கதைপৌলমী ম্যাম xossipkilavi olu vadaटिचर ची सील तोडलीఅమ్మ కొడుకు రతీKamakadhaikal in Sunni oobum sexxxx vidos हिन्दी आबाज बोले और चोदेஐய்யர் காமக்கதைகள்পা ফাক করে ভোদায়দিল্লির বৌদিকে বুঝিয়ে চুদলামঅসমীয়া sex গল্প নতুনमामी झडलीமஜா மாமி காம கதைআপু এর ভোদাமை பிரென்ட் waif ஒக்கார videoमस्त लड़की चुद गईমার পরকিয় চুদা চুদিತುಲ್ಲು ಹರಿದ ಕಥೆ ಅಪ್ಪtamil latest kullan gobal Kama storiesఅమ్మ రసాలన్నీகாமக்கதைகள் ஹோம் toiletamma akrama sambhandam part 2Www. চুদ SEX চুদ চট.Comथ्रीसम ननद और पति के साथஎன் மனைவிக்கு கிடைத்த கணவர்கள் sex videos புருஷன் ஓக்க முடியவில்லைथ्रीसम ननद और पति के साथबहन की चूत मारी मजाक करते करतेമണപ്പിക്കാൻ bra പാന്റീസ്‌sex queensindhuஅடி தொண்டை வரை ஓல்Pakathu vitu parimalaआत्याच्या बहिणीच्या पुच्चीची कथाpyar ki bochar me bete ne chut fadiindian mms sex gappa gap sitesছোটো গুদে চুদে রক্তো বের করে দিলো চটি পড়ারমা এর বগল পোদ চেটে খাওয়ার গলপKutumbam sabyula dengulata kadhaluஅக்கா என்னை ஒத்தால்ಸುಮಳ ಕಾಮ ದಾಹ ಕಾಮ ಕಥೆxossipy ফেমডমsex story papa ki pari hunஅக்காவும் அப்பாவும் ஓத்து கொண்டிருந்தனர்Assamese মাৰ লগত sex storyদুউ ভাইয়ের বউ বদল করে চোদা xxx vido palang me poora letakekudikara aunty sex story tamilమామ పెళ్ళాన్ని దెంగానుமனையை காமக்கதைasaiva nagaichuvai neram in tamil వనజ ఆంటీతో దెంగులాటகாதலியை கதறி ஓழ்raredesi forum swathi kathaiपावसातील झवाझवी कथाஅக்குள் காமக்கதைলীলাকে চোদে তার বাবাकुवारी पुच्ची ची झवाझवीசமீனா புண்டைসমুর মাকে চোদাগুদ ভরে গেলகணவரின் உத்யோக உயர்வுக்குமார்பு காமகதைతెలుగు ఆటి సెక్సు3 मुस्टंडों से चुदाईதமிழ் ஐயர் மாமி பெரிய காம கதைகள்சுத்தில் ஓத்த கனதతెలుగు మామా కోడలు సెక్స్ స్టోరీస్அப்பா மகள் காம கதைमावसी आणि मुलगा सेक्सी कथा मराठीஅக்கா ஓக்கmoothiram asai tamil sex story